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सबसे विवादित बिल्डिंग MK TRADING CO. को कौन बचा रहा, किसकी शह पर नहीं हो रही कारवाई ?

PUBLISH DATE: 03-03-2026

नगर निगम के पास आई कई शिकायतें, सभी डली ठंडे बस्ते में !


न जाने कब जागेंगे कुंभकर्णी नींद से अधिकारी !


जालंधर : जालंधर के फगवाड़ा गेट इलाके में अवैध निर्माण का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि MK TRADING CO. नामक दुकान पर पूर्व में लगाई गई नगर निगम की सील को तोड़कर न केवल दोबारा निर्माण शुरू किया गया, बल्कि नियमों को दरकिनार करते हुए सात दुकानों पर तीसरी मंजिल तक निर्माण खड़ा कर दिया गया।


सूत्रों के अनुसार यह इमारत कुछ वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान रोककर सील की गई थी। बताया जा रहा है कि अब उसी इमारत की सील कथित रूप से तोड़ दी गई और नगर निगम की ‘सैटिंग’ के जरिए निर्माण कार्य फिर से शुरू करवा दिया गया। आरोप यह भी है कि इस पूरे मामले में निगम टीम के कुछ अधिकारियों को मोटी रकम दी गई और बीच में एक दलाल को खड़ा कर मामला ‘सेट’ करवाया गया।


स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानदार ने अपने कथित रसूख का हवाला देते हुए सील उखाड़ फेंकी और लाखों रुपये की रिश्वत के दम पर निर्माण जारी रखा। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम मुख्यालय से चंद दूरी पर स्थित फगवाड़ा गेट मार्केट में इस समय कई अन्य कमर्शियल इमारतें भी इसी तरह अवैध रूप से तैयार की जा रही हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न के बराबर है।


सूत्र बताते हैं कि जिस इमारत पर सील लगी थी, वहां न केवल तीन मंजिला ढांचा तैयार कर दिया गया है, बल्कि उसमें लिफ्ट भी स्थापित कर दी गई है। नगर निगम द्वारा सील की गई इमारत का ताला तोड़कर निर्माण किए जाने को लेकर मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है। जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री दफ्तर से लेकर पंजाब विजीलैंस ब्यूरो तक कर दी।


बताया जा रहा है कि शिकायत विजीलैंस तक पहुंचते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अब बड़े अधिकारियों पर भी जांच की आंच आने की संभावना जताई जा रही है। यदि जांच में सील तोड़ने और अवैध निर्माण के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और बिल्डिंग मालिक पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।


अब पूरा मामला जांच के घेरे में है। यदि वाकई सील तोड़कर निर्माण हुआ है, तो यह न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि शहर में चल रहे अन्य अवैध निर्माणों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। फगवाड़ा गेट जैसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके में नियमों की अनदेखी कर बहुमंजिला निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरा साबित हो सकता है।


फिलहाल निगाहें विजीलैंस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि पारदर्शी जांच होती है, तो यह मामला जालंधर नगर निगम में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के नेटवर्क का बड़ा खुलासा साबित हो सकता है।


क्या कहना है बिल्डिंग मालिक का ?


दूसरी ओर MK इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक मनोज कपिला ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि उनकी बिल्डिंग वर्ष 2010 में बनी थी और कोई नया निर्माण नहीं कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सील तोड़ने की बात तब होगी जब बिल्डिंग सील हुई हो। हमारी बिल्डिंग नगर निगम की ओर से कभी सील नहीं की गई और न ही किसी तरह की कोई कार्रवाई हुई है।” मनोज का कहना है कि कुछ लोग उन्हें जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। जिस लिफ्ट का ज़िक्र किया जा रहा है वह काफी साल पहले लगवाई गई थी,  और उसे बदलकर केवल नई आधुनिक लिफ्ट लगवाई गई है। उनकी तरफ से किसी कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया गया


 


पीली पत्रकारिता वाले कुछ चुनिंदा लोग अपना ज़मीर बेचकर कूट रहे मोटी चांदी


इस पूरे मामले में सबसे अधिक चिंताजनक बात है कि शहर में पीली पत्रकारिता करने वाले कुछ चुनिंदा पत्रकार अपना ज़मीन बेचकर इस मामले में मोटी चांदी कूटने का काम भी कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शहर में खुद को काफी बड़ा पत्रकार बताने वाले एक सज्जन के ऊपर 8 लाख की मोटी रिश्वत लेने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। इसके इलावा अन्य मीडियाकर्मियों को करीब 6 लाख रूपए की राशी बांटने की बात को लेकर भी शहर में काफी चर्चा है। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों को दी गई रिश्वत का लेखा-जोखा फिल्हाल सामने नहीं आया है, मगर इतना तय है कि उनको भी माथा टेका जा चुका है जिसके चलते कारवाई को टाला जा रहा है। 


अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हर हाम मे होगी कारवाई – संदीप ऋषि


कमिशनर नगर निगम संदीप ऋषि ने हाट न्यूज़ इंडिया से विशेष बातचीत में कहा कि उनके ध्यान में उक्त मामला नहीं है। मगर वह इसकी जांच ज़रूर करवाएंगे और अगर कोई भी अवैध निमार्ण हुआ या किसी नियम कि उल्लंघना की गई है तो उसके खिलाफ बनती कारवाई ज़रूर की जाएगी।


एरिया इंस्पैक्टर से फाईल लाने को कहा है, देखकर की जाएगी बनती कारवाई - मेहरबान सिंह


एमटीपी मेहरबान सिंह ने हाट न्यूज़ इंडिया से विशेष बातचीत में कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है और इलाका इंस्पैक्टर ने भी किसी प्रकार के नोटिस देने की बात से साफ तौर पर इंकार किया है। मेहरबान सिंह ने कहा कि उन्होंने फाईल मंगवाई है और गुरूवार को वह फाईल देखकर आगे बनती कारवाई करेंगे।