जालंधर में BJP का ‘संस्कृति युद्ध’ - सर्किट हाउस में खुलेआम भिड़े दो पूर्व विधायक
चुनाव से पहले टूटा अनुशासन, कुर्सियों से लेकर गाली-गलौच तक… सवालों के घेरे में पार्टी नेतृत्व
जालंधर, 8 जनवरी : जालंधर में भारतीय जनता पार्टी का अंदरूनी कलह अब सड़कों से निकलकर बंद कमरों तक पहुंच गया है। सर्किट हाउस में आयोजित पार्टी की एक अहम बैठक के दौरान ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने पार्टी की कथित अनुशासनप्रिय छवि को पूरी तरह तार-तार कर दिया। बैठक के बीच दो पूर्व विधायकों के बीच तीखी बहस इस कदर बढ़ गई कि बात कुर्सियां चलने और खुलेआम गाली-गलौच तक जा पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में मामूली नोकझोंक के रूप में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। बैठक में मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा, तब जाकर मामला किसी तरह शांत हुआ। सर्किट हाउस जैसे संवेदनशील और आधिकारिक स्थान पर इस तरह का व्यवहार न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए शर्मिंदगी का कारण बना, बल्कि शहर भर में यह घटना चर्चा का विषय भी बन गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में अनुशासन इस कदर कैसे बिखर गया?
जिस पार्टी ने हमेशा संगठनात्मक मजबूती और अनुशासन को अपनी ताकत बताया, उसी पार्टी के वरिष्ठ चेहरे सार्वजनिक रूप से मर्यादाएं तोड़ते नजर आए। इससे आम जनता के बीच पार्टी की साख पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या पार्टी हाईकमान इस घटना पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर इसे अंदरूनी मामला बताकर दबा दिया जाएगा।
साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि जब पार्टी के अपने नेता आपस में ही एक-दूसरे से उलझे हों, तो वह चुनावी मैदान में जनता का दिल कैसे जीत पाएगी? फिलहाल जालंधर की सियासत में यह घटना बीजेपी के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर उभरी है—कि अगर समय रहते अनुशासन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो चुनावी नुकसान तय माना जा रहा है।
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