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PROGRESSIVE GROUP का धीरज सेठ से कोई लेना-देना नहीं ?

PUBLISH DATE: 05-03-2026

(जिमखाना चुनाव - 2016) 


ग्रुप के कर्ता-धर्ताओं व किंगमेकर द्वारा विपन झांजी को हरी झंडी देने की चर्चा !


वायदाखिलाफी के इल्ज़ाम को भी सिरे से खारिज करने की बात आ रही सामने !


 


जालंधर, 5 मार्च : जिमखाना क्लब के आगामी चुनाव जल्दी होने वाले हैं और हर रोज़ पल-पल समीकरण बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। गुरूवार को हाट न्यूज़ इंडिया में प्रोग्रैसिव ग्रुप के साथ संबंधित एक खबर प्रकाशित होते ही न केवल क्लब बल्कि पूरे शहर में तूफान सा आ गया। एचएनआई की खबर जंगल में आग की तरफ जिमखाना क्लब के सदस्यों के व्हाटसएप ग्रुपों में फैल गई और हर तरफ इसी को लेकर चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया।


क्लब सूत्रों की मानों तो जहां धीरज सेठ के हक में कुछ लोग बातें कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ विपन झांजी के समर्थकों के साथ-साथ ग्रुप के संचालक कहने जाने वाले कर्ता-धर्ता एवं किंगमेकर के बीच भी काफी हलचल दिखाई देने लगी। क्योंकि उनकी तरफ से विपन झांजी के हक में पहले ही हरी झंडी दिए जाने की बात सामने आने लगी।


हाट न्यूज़ इंडिया के पास भी ग्रुप के संचालक कहने जाने वाले कुछ कर्ता-धर्ता एवं किंगमेकर का फोन आया और उन्होंने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि धीरज सेठ का प्रोग्रैसिव ग्रुप के साथ कोई लेना-देना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वह तो विरोधी ग्रुप का सदस्य है और जहां तक उसको पिछले चुनावों में किसी प्रकार का वायदा देने या इस बार वायदा-खिलाफी करने का सवाल खड़ा होता है तो यह सरासर गल्त है और इस इल्ज़ाम में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।


 



 


सूत्रों की मानें तो प्रोग्रेसिव ग्रुप की तरफ से पक्का मन बन लिया गया है कि इस बार के चुनावों में बतौर सैक्रेटरी उम्मीदवार केवल और केवल विपन झांजी को ही खड़ा किया जाएगा और इसकी औपचारिक घोषणा एजीएम के तुरंत बाद कर दी जाएगी।


हालांकि यह कहना भी गलत नहीं होगा कि धीरज सेठ, विपन झांजी, तरूण सिक्का, अमित कुकरेजा, राजू विर्क आदि फिल्हाल अपने स्तर पर सदस्यों के बीच प्रचार कर रहे हैं जिसके चलते जैसे ही ग्रुपों की घोषणा होगी इनमें से चुने गए उम्मीदवार ग्रुप स्तर पर और कुछ लोग निर्दलीय खड़े होने पर विचार कर सकते हैं। जबकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि ग्रुप में जगह न मिलने पर कुछ लोग चुनावों में वोट काटने का काम भी कर सकते हैं, जिसका खामियाजा भी ग्रुपों को भुगतना पड़ सकता है। इसलिए डैमेज कंट्रोल करने की तरफ भी ध्यान दिया जाएगा जिसके बारे में जलदी ही खुलासा होगा।