08:48 Fri, Jan 02, 2026 IST
jalandhar
polution 66 aqi
29℃
translate:
Fri, Jan 02, 2026 11.26AM
jalandhar
translate:

वसीका नवीस ने पुराने पैलेस की जमीन पर काटी अवैध कॉलोनी, सभी नियमों को किया दरकिनार !

PUBLISH DATE: 02-01-2026









सरकार और जनता को लगाया करोड़ों का चूना, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल !


जालंधर, 2 जनवरी : करप्शन, जालसाजी और फर्जीवाड़ों को लेकर जालंधर तहसील पहले से ही विवादों में रही है, लेकिन अब सामने आया एक नया मामला पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। तहसील में काम करने वाले निजी करिंदों और वसीका नवीसों के कुछ ही वर्षों में करोड़पति बनने के पीछे की कहानी आज तक न तो किसी विभाग ने टटोलने की जरूरत समझी और न ही किसी अधिकारी ने इसकी जांच को प्राथमिकता दी। नतीजा यह है कि कानून को सरेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है और सरकारी तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जालंधर वेस्ट क्षेत्र में घास मंडी के नजदीक स्थित पुराने पैलेस की जमीन पर तहसील से जुड़े एक वसीका नवीस ने पुरानी इमारत को पूरी तरह ध्वस्त कर वहां अवैध कॉलोनी काट दी। हैरानी की बात यह है कि न तो लेआउट प्लान की मंजूरी ली गई, न ही आवश्यक सरकारी अनुमति, इसके बावजूद कॉलोनी में प्लॉट काटकर उन्हें तेजी से बेच दिया गया। सूत्र बताते हैं कि लगभग सभी प्लॉट बिक चुके हैं और इससे संबंधित व्यक्ति ने मोटा मुनाफा भी कमा लिया है।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से अब तक न तो संबंधित वसीका नवीस के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। जबकि नियमों के मुताबिक ऐसी कॉलोनियों पर तुरंत सीलिंग, तोड़फोड़ और आपराधिक कार्रवाई बनती है।


 



 


सूत्रों का यह भी दावा है कि इस अवैध कॉलोनी को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है। शिकायतकर्ता ने पापरा एक्ट 1995 (पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट) के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, एक और शिकायत आयकर विभाग और विजीलेंस के पास भेजने की तैयारी चल रही है, ताकि संबंधित वसीका नवीस की चल-अचल, नामी-बेनामी संपत्तियों की गहन जांच करवाई जा सके।


अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा या वास्तव में अवैध कॉलोनी काटने वाले वसीका नवीस के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जाएंगे। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला न केवल सरकारी राजस्व को हुए नुकसान का प्रतीक बनेगा, बल्कि आम जनता के विश्वास पर भी गहरी चोट करेगा।