हाट न्यूज़ इंडिया की खबर के बाद निगम हरकत में, MK TRADING CO. को जारी हुआ नोटिस !
2019 में सील बिल्डिंग आज भी रिकॉर्ड में ‘सील’, फिर कैसे चल रहा काम ?
फालोअप न्यूज़ स्टोरी
जालंधर, 4 मार्च : फगवाड़ा गेट स्थित विवादित MK TRADING CO. बिल्डिंग को लेकर हाट न्यूज़ इंडिया द्वारा प्रकाशित खबर का असर कुछ ही घंटों में देखने को मिल गया। खबर सामने आते ही नगर निगम प्रशासन में हलचल मच गई और कमिश्नर संदीप ऋषि व एमटीपी के कड़े रुख के बाद एटीपी ने आनन-फानन में बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर दिया। जारी किए गए नोटिस में बिल्डिंग मालिक को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। निगम ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित बिल्डिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2019 में सील हुई थी बिल्डिंग, रिकॉर्ड में आज भी ‘सील’
इस पूरे मामले में अब एक और बड़ा खुलासा सामने आ रहा है। निगम सूत्रों के अनुसार जिस बिल्डिंग में आज निर्माण और गतिविधियां चल रही हैं, उसे वर्ष 2019 में नगर निगम द्वारा सील किया गया था। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में आज भी उक्त बिल्डिंग ‘सील’ ही दर्ज है। इसके बावजूद बिल्डिंग में निर्माण कार्य होना और तीसरी मंजिल तक ढांचा खड़ा होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सूत्रों का दावा है कि कुछ भ्रष्ट किस्म के अधिकारियों के साथ कथित ‘सैटिंग’ कर सील को तोड़ दिया गया और बाद में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
निगम पर बढ़ा दबाव, जांच के घेरे में अधिकारी
हाट न्यूज़ इंडिया में मामला उजागर होने के बाद अब नगर निगम पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि यदि जांच गहराई से होती है तो यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सील तोड़ने, रिकॉर्ड में हेराफेरी और अधिकारियों की मिलीभगत तक पहुंच सकता है।
पैसे लेकर भरोसा देने वाले क्या अब लौटाएंगे रकम ?
इस मामले में एक और गंभीर सवाल भी उठ रहा है। शहर में चर्चा है कि कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ मीडिया कर्मियों ने भी बिल्डिंग मालिक को भरोसा दिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। बताया जा रहा है कि इस कथित “सेटिंग” के नाम पर मोटी रकम भी ली गई थी। अब जब मामला सुर्खियों में आ चुका है और जांच की तलवार लटक रही है, तो बड़ा सवाल यह है कि क्या वे लोग अब बिल्डिंग मालिक को उनकी रकम वापस करेंगे ? और अगर पैसे वापस नहीं किए जाते, तो क्या बिल्डिंग मालिक उन लोगों के नाम सार्वजनिक करके समाज के सामने सच्चाई लाने की हिम्मत दिखाएंगे ?
शहर में अवैध निर्माण के नेटवर्क का खुल सकता है बड़ा राज
यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो यह मामला जालंधर में चल रहे अवैध निर्माण के बड़े नेटवर्क और कथित भ्रष्ट तंत्र का पर्दाफाश कर सकता है। फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तीन दिन बाद बिल्डिंग मालिक की ओर से क्या जवाब आता है और नगर निगम प्रशासन इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
पढ़ें नगर निगम द्वारा जारी नोटिस की कापी
Latest News
HNI
Exclusive
- Latest Exclusives
- Daily news update
- intact news

